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कोविड-19: इस दौर में बच्चों का टीकाकरण है जरूरी, रखें ये सावधानियां… डाँ. एच. सी. भट्ट (एमडी)

इस समय पूरा विश्व कोरोना महामारी के दौर से गुजर रहा है। सरकार ने अपने लॉकडाउन-3 पीरियड के समय देश को अलग-अलग जोनों में बांट दिया है। सबसे सुरक्षित जोन को ग्रीन कैटेगरी में रखा है जहां जनता को सबसे ज्यादा छूट दी गयी है। बता दें कि डब्ल्यूएचओ ने जनवरी 2020 में ही कोविड-19 को वैश्विक महामारी घोषित कर दिया था। हमारे देश में 22 मार्च 2020 के बाद से ही सभी प्रकार की प्राथमिक और दूसरी स्वास्थ्य सेवाएं इससे प्रभावित हुई है। बच्चों में टीकाकरण भी इस महामारी के दौर में प्रभावित हुआ है। ऐसे में टीकों से बचाव हो सकने वाली बीमारियां जैसे खसरा, निमोनिया, इत्यादि के प्रकोप की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

रिचर्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार कोविड 19 महामारी के दौरान अगर टीकाकरण नहीं किया जायेगा तो प्रत्येक कोविड 19 के होने वाली मृत्यु को बचाने में दूसरी बीमारियां घर कर सकती है। अगर टीकाकरण के बचाव से हो सकने वाली बीमारियां बढ़ेगी तो वो हमारे स्वास्थ्य सेवा पर अधिक प्रभाव डालेगी। ऐसे में अभिभावकों को चाहिए कि टीकाकरण को लगातार पूर्ववत की तरह से जारी रखें।

महामारी के दौरान टीकाकरण प्रक्रिया के रिस्क क्या है:

बता दें कि अभी तक कोई प्रमाणिक तथ्य इस तरफ इंगित नहीं करते हैं कि एक स्वस्थ्य बच्चे को महामारी कोविड 19 के दौरान टीकारण करने से कोई हानि होगी।

कोविड-19 के दौर में टीकाकरण करते निम्न सावधानियां बरतनी जरूरी हैं:--

टीकाकरण को जाने से पहले अपने डॉक्टर से समय लेना आवश्यक है ताकि क्लीनिक या अस्पताल में भीड़ ना हो और सामाजिक दूरी का पालन किया जा सके।

  1. 6 महीने से कम उम्र के बच्चों को प्राथमिकता देनी चाहिये।
  2. डीपीटी, पोलियो, निमानिया, रोटा वायरस एवं प्रथम सीनीन में लगने वाली वैक्सीन को प्राथमिकता देते हुए अवश्य लगाये इन्हें आगे ना बढ़ाये। इस बात का खास ध्यान दें कि ये वैक्सीन प्रथम 6 महीने के अंदर दी जाती हैं।
  3. बूस्टर वैक्सीन, हीप ए, इत्यादि बैक्सीन टाली जा सकती हैं।
  4. डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी अगर एक ही वक्त पर दो या दो माह से ज्यादा बैक्सीन दे तो लगा सकते हैं।
  5. कोई मास बैक्सीन या कैम्प नहीं लगाने चाहिए। इससे कोविड 29 का संक्रमण बढ़ेगा।
  6. टीकारण के लिये क्लीनिक या अस्पताल में अलग से जगह निर्धारित हो।
  7. टीकारण के लिये आये लोगों को सामाजिक दूरी का पालन करना होगा।
  8. सभी अभिभावक जो साथ में आयें उन्हें मास्क पहनना जरूरी है।
  9. इस बात का विशेष ध्यान रखें कि 2 वर्ष से कम बच्चों को मास्क सिर्फ डांक्टरी सलाह से ही पहानयें।
  10. डांक्टर एक स्टाफ को मास्क एवं दस्ताने पहनना अनिवार्य है तथा टीकाकरण से पहले और बाद में 20 सेकेंड तक की प्रक्रिया से हाथ होना चाहिए।
  11. प्रत्येक टीकाकरण के समय में आधे घंटे का अंतर हो ताकि क्लीनिक या अस्पताल में भीड़ ना हो।
  12. बुजुर्ग, एवं ऐसे अभिभावक जिनको खांसी, बुखार हो वो बच्चों के साथ टीकाकरण के समय ना आएं।
  13. एक बच्चे के साथ 1 ही अभिभावक साथ रहें।
  14. क्लीनिक और अस्पताल के मानकों के अनुसार उनके नियमों का पालन करना चाहिए।
  15. टीकारण के लिए प्रवेश द्वार और निकास द्वार अलग-अलग होने चाहिए।

महत्पवूर्ण: जो बच्चे कोविड-19 परिवार में पैदा हुए या रह रहे हैं या कोविड 19 पॉजिटिव हैँ उनको क्वांलीटिर पीरियड यानी 14 दिन के बाद ही टीकाकरण करवाना चाहिए।

( एमडी बाल रोग विशेषज्ञ गोल्ड मेडलिस्ट, वरिष्ठ सलाहकार, मैक्स अस्पताल, नई दिल्ली)

Divya Patwal

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